देहरादून। मायाकुण्ड स्थित जर्जर सामुदायिक केंद्र के अच्छे दिन लौटने लगे हैं। जैसे ही मामला जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आया, उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश की टीम को मौके पर भेजकर केंद्र का निरीक्षण और आकलन कराने के निर्देश दिए। यह केंद्र बच्चों की शिक्षा, महिला साक्षरता और कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
पैरा खिलाड़ी नीरजा गोयल, जो देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी हैं, ने डीएम से मुलाकात कर बताया कि वे इस भवन में शाम के समय महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण और बच्चों के लिए रेमेडियल टीचिंग संचालित कर रही हैं। उन्होंने भवन की मरम्मत का अनुरोध किया, जिसे डीएम ने गंभीरता से लिया और संबंधित टीम को भूमि की स्थिति व विस्तृत आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
यह सामुदायिक केंद्र, जो नगर निगम ऋषिकेश की संपत्ति है, मायाकुण्ड, चंद्रेश्वर नगर और भैरव मंदिर क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के सामुदायिक कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी है। भवन की खराब हालत के चलते स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही थी।
डीएम के निर्देशों के बाद सामुदायिक भवन मायाकुण्ड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे स्वीकृति देते हुए 43 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई। स्वीकृति के बाद निविदा जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।